Wednesday, April 27, 2011

रुद्राक्ष का महत्व


रुद्राक्ष धारयेद्बुध: के अनुसार ज्ञानी जनों को रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष को भगवान शिव की आंख कहा जाता है। त्रिपुर नामक दैत्य को मारने हेतु भगवान शंकर ने कालाग्निनामक शस्त्र जब धारण किया तभी अश्रु पात होने से रुद्राक्ष की उत्पत्ति बताई गयी है।

Tuesday, April 26, 2011

शादी में आ रही रूकावट दूर करे



रुद्राक्ष के बारे में हम सभी लोगों ने सुना होगा। यह भगवान शिव के आभूषण माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति भगवा शंकर की आंसू से हुई है। रुद्राक्ष कई प्रकार का होता है। इस पर जितनी धारियां होती हैं वह रुद्राक्ष उतना मुखी कहलाता है। हर रुद्राक्ष की अपनी एक अलग विशेषता होती है, जैसे रुद्राक्ष में यदि बारह धारियां है तो वह बारहमुखी रुद्राक्ष कहलायेगा।

Monday, April 25, 2011

पति-पत्नी का रिश्ता



पति-पत्नी का रिश्ता बड़ा नाजुक होता है। छोटी सी गलतफहमी इस रिश्ते को तोड़ सकती है। कई बार ऐसा होता भी है। वर्तमान के समय काम का बोझ व दूसरी जिम्मेदारियों के चलते पति-पत्नी एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते। ऐसे में उनके बीच दूरियां बढऩे लगती है और कई बार यह रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है।

Sunday, April 24, 2011

संकल्प और समर्पण



संकल्प और समर्पण। अगर अर्थ की दृष्टि से देखा जाए, तो दोनों ही विरोधाभासीबातें हैं। या तो आप संकल्प कर सकते हैं, या फिर समर्पण। जैसे युद्ध में सामने वाले ने हथियार छोड दिए, तो समझो कि समर्पण हो गया। जब तक लड रहे थे, तो संकल्प से लड रहे थे।

Saturday, April 23, 2011

6 मई का अद्भुत योग

हिंदू शास्त्रों के अनुसार वर्षभर में कई विशेष योग बनते हैं लेकिन 6 मई को एक महायोग बन रहा है। इस महायोग का नाम है अक्षय तृतीया। यह वर्ष में सिर्फ एक बार ही आता है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।

Friday, April 22, 2011

रत्ना


हर राशि का अपना रत्न होता है और कुंडली में राशि के स्वामी की शुभ अशुभ स्थिति का विचार करके रत्नों को पहनना चाहिए। रत्न को अँगूठी या लॉकेट में पहनना चाहिए। रत्नों को पहनते समय यह सावधानि रखें कि यह शरीर से सटा हुआ रहें। इससे रत्नों का प्रभाव दोगुना हो जाता है।