Sunday, May 1, 2011
Saturday, April 30, 2011
Friday, April 29, 2011
रुद्राक्ष की महिमा
एक बार देवर्षि नारद ने भगवान नारायण से पूछा-“दयानिधान!रुद्राक्ष को श्रेष्ठ क्यों माना जाता है? इसकी क्या महिमा है? सभी के लिए यह पूजनीय क्यों है?रुद्राक्ष की महिमा को आप विस्तार से बताकर मेरी जिज्ञासा शांत करें।” देवर्षि नारद की बात सुनकर भगवान् नारायण बोले-“हे देवर्षि! प्राचीन समय में यही प्रश्न कार्तिकेय ने भगवान् महादेव से पूछा था। तब उन्होंने जो कुछ बताया था,वही मैं तुम्हें बताता हूँ:
Thursday, April 28, 2011
शिव प्रिय रुद्राक्ष
रुद्राक्ष भगवान शंकर का प्रिय आभूषण है। दीर्घायु प्रदान करने वाला तथा अकाल मृत्यु को समाप्त करने वाला है। यह जहाँ गृहस्थ व्यक्तियों के लिए अर्थ और काम को प्रदान करता है वहीं संन्यासियों के लिए धर्म और मोक्ष को देने वाला है। मनुष्य की अनेक शारीरिक और मानसिक व्याधियों को दूर करने वाला, मन को शांति प्रदान करने वाला तथा योगियों की कुंडलिनी जागृत करने में सहायक होता है।
Wednesday, April 27, 2011
Tuesday, April 26, 2011
शादी में आ रही रूकावट दूर करे
रुद्राक्ष के बारे में हम सभी लोगों ने सुना होगा। यह भगवान शिव के आभूषण माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति भगवा शंकर की आंसू से हुई है। रुद्राक्ष कई प्रकार का होता है। इस पर जितनी धारियां होती हैं वह रुद्राक्ष उतना मुखी कहलाता है। हर रुद्राक्ष की अपनी एक अलग विशेषता होती है, जैसे रुद्राक्ष में यदि बारह धारियां है तो वह बारहमुखी रुद्राक्ष कहलायेगा।
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