Sunday, April 24, 2011

संकल्प और समर्पण



संकल्प और समर्पण। अगर अर्थ की दृष्टि से देखा जाए, तो दोनों ही विरोधाभासीबातें हैं। या तो आप संकल्प कर सकते हैं, या फिर समर्पण। जैसे युद्ध में सामने वाले ने हथियार छोड दिए, तो समझो कि समर्पण हो गया। जब तक लड रहे थे, तो संकल्प से लड रहे थे।

Saturday, April 23, 2011

6 मई का अद्भुत योग

हिंदू शास्त्रों के अनुसार वर्षभर में कई विशेष योग बनते हैं लेकिन 6 मई को एक महायोग बन रहा है। इस महायोग का नाम है अक्षय तृतीया। यह वर्ष में सिर्फ एक बार ही आता है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।

Friday, April 22, 2011

रत्ना


हर राशि का अपना रत्न होता है और कुंडली में राशि के स्वामी की शुभ अशुभ स्थिति का विचार करके रत्नों को पहनना चाहिए। रत्न को अँगूठी या लॉकेट में पहनना चाहिए। रत्नों को पहनते समय यह सावधानि रखें कि यह शरीर से सटा हुआ रहें। इससे रत्नों का प्रभाव दोगुना हो जाता है।

Thursday, April 21, 2011

आध्यात्मिक जीवन


आध्यात्मिक जीवन आत्मिक सुख का निश्चित हेतु है। अध्यात्मवाद वह दिव्य आधार है, जिस पर मनुष्य की आंतरिक तथा बाह्य दोनों प्रकार की उन्नतियां एवं समृतियां अवलंबित हैं। सांसारिक उपलब्धियां प्राप्त करने के लिए भी जिन परिश्रम, पुरुषार्थ, सहयोग, सहकारिता आदि गुणों की आवश्यकता होती है, वे सब आध्यात्मिक जीवन के ही अंग हैं।

Wednesday, April 20, 2011

दक्षिणावर्ती शंख



हिन्दू धर्म में पूजा स्थल पर शंख रखने की परंपरा है। शंख को बहुत ही पवित्र माना गया है। शंख कई प्रकार के होते हैं। साधारणत: मंदिर में रखे जाने वाले शंख उल्टे हाथ के तरफ  खुलते हैं और बाजार में आसानी से मिल जाते हैं जबकि

Tuesday, April 19, 2011

ॐ से मिलता है आत्मबल


टाइम मैगजीन में एक रिपोर्ट के अनुसार, मेडिकल सेंटर में हृदय रोगियों को ऑपरेशन से पहले एक मनोवैज्ञानिक प्रोग्राम से अवगत कराया जाता है, जिसमें अंगमर्दन,योग व ध्यान करने को कहा जाता है। अधिकतर रोगियों को सर्जरी से पहले ॐ का उच्चारण करने के लिए कहा जाता है। उनका तर्क था कि इससे वे तनावमुक्त हो जाते हैं और उनका मन शांत हो जाता है।