Sunday, May 15, 2011

विवाह के आठ रूप



कर्तव्य और जिम्मेदारियों के पैमाने पर ही इंसान की सही परख और पहचान होती है। इन दायित्वों को समझ और आगे बढ़कर आत्मविश्वास व सक्षमता के साथ पूरा करने पर इंसान पद, सम्मान, भरोसा, सहयोग और प्रेम पाकर जीवन को सफल बना सकता है। व्यावहारिक जीवन में जिम्मेदारियों के निर्वहन का ही समय होता है - गृहस्थ जीवन। आम भाषा में इसे घर बसाना और चलाना भी कहते हैं।

Friday, May 13, 2011

संकटनाशक हैं वीर हनुमान के मंत्र



हनुमान भक्ति की सबसे लोकप्रिय स्तुति श्री हनुमान चालीसा की चौपाई में श्री हनुमान के संकटमोचक रूप को बताते हुए लिखा गया है कि - 
संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।। 

Wednesday, May 11, 2011

भगवान के भोग में डाले जाते हैं तुलसी के पत्ते

भगवान को भोग लगे और तुलसी दल न हो तो भोग अधूरा ही माना जाता है। तुलसी को परंपरा से भोग में रखा जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार तुलसी को विष्णु जी की प्रिय मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार  तुलसी डालकर भोग लगाने पर चार भार चांदी व एक भार सोने के दान के बराबर पुण्य मिलता है और बिना तुलसी के भगवान भोग ग्रहण नहीं करते उसे अस्वीकार कर देते हैं। 

Tuesday, May 10, 2011

फिश एक्वेरियम



वर्तमान समय में घर की सजावट के लिए कई उपाय किए जाते हैं। फिश एक्वेरियम लगाकर भी घर की सुंदरता बढ़ाई जाती है। फिश एक्वेरियम सिर्फ घर की सुंदरता ही नहीं बढ़ाता बल्कि घर के वास्तु दोष को भी दूर करता है। फेंगशुई के अनुसार घर में फिश एक्वेरियम रखने से सुख-समृद्धि आती है। 

Monday, May 9, 2011

सोलह संस्कार





1.गर्भाधान
हमारे शास्त्रों में मान्य सोलह संस्कारों में गर्भाधान पहला है। गृहस्थ जीवन में प्रवेश के उपरान्त प्रथम क‌र्त्तव्य के रूप में इस संस्कार को मान्यता दी गई है।

Sunday, May 8, 2011

हिन्दू धर्म के संस्कार



सनातन अथवा हिन्दू धर्म की संस्कृति संस्कारों पर ही आधारित है। हमारे ऋषि-मुनियों ने मानव जीवन को पवित्र एवं मर्यादित बनाने के लिये संस्कारों का अविष्कार किया। धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक दृष्टि से भी इन संस्कारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति की महानता में इन संस्कारों का महती योगदान है।